जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने अवगत कराया कि वर्तमान समय में दीवानी न्यायालय अंतर्गत जिला शासकीय अधिवक्ता (सिविल) का पद रिक्त होने के कारण सिविल वाद में पैरवी का कार्य करने का अनुभव हो, उसमें विधि परामर्शी निर्देशिका के प्रस्तर 7.03 के अंतर्गत आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप पर दो प्रतियों में दिनांक 14 अगस्त 2021 से 27 सितंबर 2021 को अपरान्ह् 4.00 बजे तक प्रत्येक कार्यदिवस में आमंत्रित किए जाते हैं। इसके पश्चात प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा। जिला सरकारी अधिवक्ता (सिविल) एक पद के लिए योग्यता 10 वर्ष विधि व्यवसाय किया हो, नामिका वकील (फौजदारी) के एक पद के लिए योग्यता 05 वर्ष विधि व्यवसाय किया हो। उपयुक्त पदों पर उन्हीं आवेदन पत्रों पर विचार किया जाएगा जिनकी आयु 14 अगस्त 2021 को 60 वर्ष से कम हो। पहले से किसी सरकारी या गैर सरकारी वैतनिक पद पर कार्यरत अथवा किसी कॉलेज के पूर्णकालित प्रवक्ता, ओथ कमिश्नर, नोटरी, विवाह अधिकारी, एमीकस क्यूरी आदि पद धारकों के आवेदन पत्र पर विचार नहीं किया जाएगा और तथ्य छिपाये जाने की दशा में उनकी नियुक्ति निरस्त कर दी जाएगी। अपूर्ण आवेदन-पत्र स्वतः निरस्त हो जायेंगे।
नियुक्ति के पश्चात डेली प्रैक्टिस पर प्रतिबंध होगा। राज्य सरकार, केंद्र सरकार अथवा केंद्रीय राज्य सरकार द्वारा स्थापित/नियन्त्रित उपक्रम निगम राजकीय कंपनी परिषद, स्थानीय निकाय स्वायत्त शासित संस्थाओं एवं प्राधिकारियों के वादों की पैरवी शासन की अनुमति से ही करने का अधिकार होगा। जिला सरकारी अभिवक्ता/अधीनस्थ जिला सरकारी अभिवक्ता (नामिका वकील) राजनैतिक कार्यकलापों में उस समय तक भाग न लेगा जब तक कि वह जिला सरकारी अभिवक्ता/अधिनस्थ जिला सरकारी अभिवक्ता (नामिक वकील) के रूप में कार्य करें अथवा वह उस पद धारण करने के लिए अनर्ह हो जाएगा। जिला सरकारी अभिवक्ता/अधीनस्थ जिला सरकारी अभिवक्ता (नामिक वकील) के लिए यह निषेध है कि वे किसी भी अपराधिक मामले में किसी गैर सरकारी पक्षकार की ओर से उपस्थित हो, चाहे वह किसी व्यक्ति के बचाव के लिए हो या किसी परिवादी के लिए उपस्थित होना हो। राज्य की ओर से उपस्थित होने पर वे किसी गैर सरकारी पक्षकार से कोई शुल्क स्वीकार नहीं करेंगा। नियुक्ति की दशा में विधि परामर्शी निर्देशिका में उल्लिखित सभी प्रतिबन्ध मान्य होगें। शासन द्वारा निर्धारित मासिक पारिश्रमिक देय होगा, अन्य किसी कार्य परामर्श आदि के लिए कोई अतिरिक्त फीस देय न होगी। यह नियुक्ति राज्य सरकार की नियुक्ति से भिन्न होगी एवं राज्य कर्मचारी की कोई सुविधा अनुमन्य न होगी। यह नियुक्ति निर्धारित अवधि के लिए व्यवसायिक आबद्धता के रूप में की जाएगी, जिसको बिना कारण बताए हुए समाप्त करने का अधिकार शासन का होगा।
सभी आवेदनकर्ता निर्धारित प्रारूप पर वांछित सूचनाएं दो प्रतियों में (अलग-अलग पूर्णसेट) में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेंगे तथा प्रत्येक सूचना के संबंध में प्रमाण पत्रों की सत्यापित छाया प्रतियां भी संलग्न करेंगे। सिविल/फौजदारी वादों से संबंधित विगत दो वर्षों के कार्यकाल का विवरण (13 अगस्त 2019 से 13 अगस्त 2021 तक) तथा उसमें सफलता के प्रतिशत के संबंध में स्वयं शपथ-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
पूर्ण प्रार्थना पत्र किसी भी कार्य दिवस में पूर्वान्ह 10.00 बजे से अपरान्ह् 4.00 बजे तक न्याय सहायक को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत किए जाएंगे अथवा जिलाधिकारी के नाम पंजीकृत डाक से इस प्रकार भेजे जाएंगे कि वह निर्धारित तिथि/समय के पूर्व कार्यालय में प्राप्त हो जाए।
इस विज्ञप्ति के निर्गत होने के दिनांक से पूर्व प्रस्तुत किए गए आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किए जाएंगे अन्य जिलों के अधिवक्ता भी आवेदन कर सकते हैं, किंतु उनको आवेदन-पत्र संबंधित अधिकारी द्वारा अग्रसारित अथवा उचित टिप्पणी के साथ भेजा जाना वांछनीय होगा।
नियुक्ति के पश्चात डेली प्रैक्टिस पर प्रतिबंध होगा। राज्य सरकार, केंद्र सरकार अथवा केंद्रीय राज्य सरकार द्वारा स्थापित/नियन्त्रित उपक्रम निगम राजकीय कंपनी परिषद, स्थानीय निकाय स्वायत्त शासित संस्थाओं एवं प्राधिकारियों के वादों की पैरवी शासन की अनुमति से ही करने का अधिकार होगा। जिला सरकारी अभिवक्ता/अधीनस्थ जिला सरकारी अभिवक्ता (नामिका वकील) राजनैतिक कार्यकलापों में उस समय तक भाग न लेगा जब तक कि वह जिला सरकारी अभिवक्ता/अधिनस्थ जिला सरकारी अभिवक्ता (नामिक वकील) के रूप में कार्य करें अथवा वह उस पद धारण करने के लिए अनर्ह हो जाएगा। जिला सरकारी अभिवक्ता/अधीनस्थ जिला सरकारी अभिवक्ता (नामिक वकील) के लिए यह निषेध है कि वे किसी भी अपराधिक मामले में किसी गैर सरकारी पक्षकार की ओर से उपस्थित हो, चाहे वह किसी व्यक्ति के बचाव के लिए हो या किसी परिवादी के लिए उपस्थित होना हो। राज्य की ओर से उपस्थित होने पर वे किसी गैर सरकारी पक्षकार से कोई शुल्क स्वीकार नहीं करेंगा। नियुक्ति की दशा में विधि परामर्शी निर्देशिका में उल्लिखित सभी प्रतिबन्ध मान्य होगें। शासन द्वारा निर्धारित मासिक पारिश्रमिक देय होगा, अन्य किसी कार्य परामर्श आदि के लिए कोई अतिरिक्त फीस देय न होगी। यह नियुक्ति राज्य सरकार की नियुक्ति से भिन्न होगी एवं राज्य कर्मचारी की कोई सुविधा अनुमन्य न होगी। यह नियुक्ति निर्धारित अवधि के लिए व्यवसायिक आबद्धता के रूप में की जाएगी, जिसको बिना कारण बताए हुए समाप्त करने का अधिकार शासन का होगा।
सभी आवेदनकर्ता निर्धारित प्रारूप पर वांछित सूचनाएं दो प्रतियों में (अलग-अलग पूर्णसेट) में अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेंगे तथा प्रत्येक सूचना के संबंध में प्रमाण पत्रों की सत्यापित छाया प्रतियां भी संलग्न करेंगे। सिविल/फौजदारी वादों से संबंधित विगत दो वर्षों के कार्यकाल का विवरण (13 अगस्त 2019 से 13 अगस्त 2021 तक) तथा उसमें सफलता के प्रतिशत के संबंध में स्वयं शपथ-पत्र प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
पूर्ण प्रार्थना पत्र किसी भी कार्य दिवस में पूर्वान्ह 10.00 बजे से अपरान्ह् 4.00 बजे तक न्याय सहायक को व्यक्तिगत रूप से प्रस्तुत किए जाएंगे अथवा जिलाधिकारी के नाम पंजीकृत डाक से इस प्रकार भेजे जाएंगे कि वह निर्धारित तिथि/समय के पूर्व कार्यालय में प्राप्त हो जाए।
इस विज्ञप्ति के निर्गत होने के दिनांक से पूर्व प्रस्तुत किए गए आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किए जाएंगे अन्य जिलों के अधिवक्ता भी आवेदन कर सकते हैं, किंतु उनको आवेदन-पत्र संबंधित अधिकारी द्वारा अग्रसारित अथवा उचित टिप्पणी के साथ भेजा जाना वांछनीय होगा।

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