उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जौनपुर के संरक्षण एवं अनुमति से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्ववाधान में बन्दियों को विधिक जानकारी प्रदान करने हेतु सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्रीमती शिवानी रावत की अध्यक्षता में आज 06 अगस्त 2021 को समय अपराह्न 12ः00 बजे वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला कारागार, जौनपुर का वर्चुवल निरीक्षण एवं विचाराधीन एवं दोषसिद्ध बन्दियों के लाभार्थ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
सचिव, श्रीमती शिवानी रावत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान करायी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी एवं बन्दियों को कोविड-19 प्रोटोकाल के नियमों के पालन हेतु निर्देशित किया गया। जिला कारागार में वर्चुवल मोड से आयोजित विधिक साक्षरता शिविर तथा दोषसिद्ध बन्दियों को क्षमा, परिवीक्षा, दया याचिका, वितमहव आदि, निरूद्ध से समयपूर्व उन्मुक्ति की व्यवस्थाओ की उपलब्धता एवं पात्रता की शर्तो के बारे में जागरूक किया गया। कारागार में उत्तम आचरण बनाये रखे जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। बन्दियों को अपील के विषय में भी बताया गया। विचाराधीन बन्दियों को ‘‘प्ली बारगेनिंग’’ के माध्यम से योग्य मामलों के निस्तारण के विषय पर जानकारी दी गयी तथा जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि किसी भी बन्दी को वादों में पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता होने पर उनके प्रार्थना पत्र प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें। जेल पी0एल0वी0गण को नियमित रूप से सभी बन्दियों को जागरूक किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
डिप्टी जेलर, कमलेन्दर प्रताप सिंह द्वारा बताया गया कि जिला कारागार में कुल 1123 पुरूष तथा 66 महिला बन्दी है, 18 से 44 आयु वर्ग के 501 बन्दियों को वैक्सीन की प्रथम डोज तथा 308 बन्दियों को वैक्सीन की द्वितीय डोज दी जा चुकी है। अभी तक कुल 809 लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। वर्तमान में कोई भी बन्दी गम्भीररूप से बीमार व कोविड मरीज नहीं है। महिला बन्दियों के साथ रह रहे बच्चों के नाश्ता, भोजन, पढ़ाई आदि की उपलब्धता के सम्बन्ध में पूछे जाने पर महिला बन्दियों द्वारा बताया गया कि बच्चों को समय से नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
इस अवसर पर डिप्टी जेलर कमलेन्दर प्रताप सिंह, जेल पीएलवी गण दीपक, सुरेन्द्र, विमल, विकास व त्रिभुवन यादव तथा अन्य बंदी उपस्थित रहे।
सचिव, श्रीमती शिवानी रावत, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा प्रदान करायी जाने वाली निःशुल्क विधिक सहायता की विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी एवं बन्दियों को कोविड-19 प्रोटोकाल के नियमों के पालन हेतु निर्देशित किया गया। जिला कारागार में वर्चुवल मोड से आयोजित विधिक साक्षरता शिविर तथा दोषसिद्ध बन्दियों को क्षमा, परिवीक्षा, दया याचिका, वितमहव आदि, निरूद्ध से समयपूर्व उन्मुक्ति की व्यवस्थाओ की उपलब्धता एवं पात्रता की शर्तो के बारे में जागरूक किया गया। कारागार में उत्तम आचरण बनाये रखे जाने हेतु प्रोत्साहित किया गया। बन्दियों को अपील के विषय में भी बताया गया। विचाराधीन बन्दियों को ‘‘प्ली बारगेनिंग’’ के माध्यम से योग्य मामलों के निस्तारण के विषय पर जानकारी दी गयी तथा जेल अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि किसी भी बन्दी को वादों में पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की आवश्यकता होने पर उनके प्रार्थना पत्र प्रेषित किया जाना सुनिश्चित करें। जेल पी0एल0वी0गण को नियमित रूप से सभी बन्दियों को जागरूक किये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
डिप्टी जेलर, कमलेन्दर प्रताप सिंह द्वारा बताया गया कि जिला कारागार में कुल 1123 पुरूष तथा 66 महिला बन्दी है, 18 से 44 आयु वर्ग के 501 बन्दियों को वैक्सीन की प्रथम डोज तथा 308 बन्दियों को वैक्सीन की द्वितीय डोज दी जा चुकी है। अभी तक कुल 809 लोगों को वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। वर्तमान में कोई भी बन्दी गम्भीररूप से बीमार व कोविड मरीज नहीं है। महिला बन्दियों के साथ रह रहे बच्चों के नाश्ता, भोजन, पढ़ाई आदि की उपलब्धता के सम्बन्ध में पूछे जाने पर महिला बन्दियों द्वारा बताया गया कि बच्चों को समय से नाश्ता एवं भोजन उपलब्ध कराया जाता है किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है।
इस अवसर पर डिप्टी जेलर कमलेन्दर प्रताप सिंह, जेल पीएलवी गण दीपक, सुरेन्द्र, विमल, विकास व त्रिभुवन यादव तथा अन्य बंदी उपस्थित रहे।

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