डीएम के निर्देश पर गांव लखेसर मे चकबन्दी समस्या की सुनवाई के लिए लगा चौपाल

वीरेन्द्र कुमार यादव अक्षय मेल समाचार जौनपुर 

मौके पर मुख्य राजस्व अधिकारी व एसडीएम सहित व चकबन्दी के आला अफसर  रहे उपस्थित 


तीस वर्षों से गांव में चल रही चकबन्दी प्रक्रिया


बरईपार :-
              सिकरारा थाना अंतर्गत   गांव सभा लखेसर  में  चकबन्दी प्रक्रिया का सीमांकन कार्य 18 वर्षों से लंबित चल रहा है जब भी  चकबंदी सीमांकन कार्य हेतु टीम गांव में आती है तो कुछ  ग्रामीणों द्वारा पक्ष और विपक्ष को लेकर  शिकायतों के मद्देनजर अवरोध उत्पन्न किया जाता रहा  जिसकी शिकायत लोग   जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा से किये डीएम द्वारा जनपद के उच्च अधिकारियों को निर्देशित कर उक्त गांव सभा के  प्राथमिक विद्यालय परिसर जन समस्या की सुनवाई हेतु  चौपाल लगाई गई चौपाल में मुख्य राजस्व अधिकारी श्री राजकुमार दुबे , एस डीएम सदर नीतीश कुमार सिंह, तहसील दार सदर , व जिला बंदोबस्त चकबन्दी अधिकारी दयानंद चौहान , चकबंदी अधिकारी सदर गजाधर सिंह ,तहसील और चकबंदी विभाग के 10 लेखपाल व कानूनगो  व सुरक्षा हेतु भिलमपुर   चौकी से  पुलिस फोर्स दल के सिपाही सहित 500 की संख्या में ग्रामीण नागरिक उपस्थित रहे व एसडीएम सदर ने लोगो को कोरोना काल के चलते मास्क लगाकर उचित दूरी बनाए रहने का सुझाव दिया व इसके बाद  उपस्थित अधिकारियों ने दोनों पक्षों को सुना  जिसमे 1991 में गजट हुए गांव का पुष्टिकृत 2003 में हो गया था । 18 वर्षों से बाधित पैमाइश कार्य पर दोनों पक्षों की समस्या ध्यानपूर्वक चकबंदी अधिकारियो के सामने रखी गई । जो मामले को शीघ्र निस्तारित करने का निर्देश दिया गया । मुख्य राजस्व अधिकारी ने इतने  लंबे समय तक गांव के लंबित रहने पर घोर चिंता व्यक्त की व दोनों पक्षों को न्याय के लिए आश्वस्त किये कि उप जिलाधिकारी सदर द्वारा तहसील और चकबंदी दोनों स्तर की टीम लगाकर सीमांकन कार्य पूरा कराये जाने का वादा किया और  कहा कि पैमाइश से पूर्व ग्रामीणों की शिकायतों को  दो दिन में लेकर उसका निस्तारण विधि पूर्वक जो भी होगा कर दिया जाएगा ।इस  दरमियान भारी संख्या में किसान उपस्थित रहे और अधिकाधिक किसान ने अपनी पीड़ा रास्ते को लेकर सुनाई की आजादी के बाद भी आज तक मेरे घर के सामने तक गाड़ी नही पहुँच पाती है व घर निर्माण भी नही करा पा रहा हूँ । किसानों की मांग रही कि गांव की  समस्या का निदान बिन पैमाइश के सम्भव नही है क्योकि गांव में  आधे से अधिक कब्जा परिवर्तन होने से कुछ किसान अपनी चको पर काबिज नही है जिससे गांव में   कब्जा को लेकर विवाद होता रहता है । जिसका निदान चक पैमाइश ही है गांव की समस्या हेतु ग्राम प्रधान श्रीमती निशा तिवारी पत्नी शैलेन्द्र तिवारी  ने भी गांव की पैमाइश को पूरा करने हेतु अपना प्रार्थना पत्र दिया और यह अनुरोध किया कि  इस गांव की समस्या का निदान सीमांकन कार्य से ही हो पाएगा जो कि आंशिक तौर पर ही शेष बचा है।

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