राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार एवं माननीय जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर एम0 पी0 सिंह, की अनुमति एवं कुशल निर्देशन में ‘‘मध्यस्थता हाल, ए0डी0आर0 भवन जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जौनपुर‘‘ में 19 नवम्बर 2020 को कार्य स्थल पर यौन उत्पीड़न की रोकथाम अधिनियम 2013 और मातृत्व लाभ अधिनियम 2016 और कारखानों अधिनियम 1948 विषय पर विधिक साक्षरता शिविर का अयोजन किया गया।
इस अवसर पर मो0 फिरोज सिविल जज सी0डि0/प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न और यौन उत्पीड़न की शिकायतों की रोकथाम और निवारण के लिए उससे सम्बन्धित बनाये गये अधिनियम 2013 के बारे बताया गया भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 (1) में सभी नागरिकों के अधिकार की पुष्टि करता है कि उन्हे अपने चयन या व्यवसाय का अभ्यास करने के लिए किसी भी पेशे में नियुक्त किया जाए। इस मामले ने स्थापित किया कि ‘‘जेंडर इक्वेलिटी’’ और ‘‘लाइफ एंड लिबर्टी’’ के अधिकारों के उल्लंघन के परिणाम स्वरूप कार्यवाही वास्तव में अनुच्छेद 19 (1) के तहत पीड़ित के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। फैक्ट्री में सुरक्षा, बड़ी-बड़ी मशीनों की फेंसिंग होनी चाहिए। बड़ी-बड़ी मशीनों पर छोटे बच्चों को नहीं लगाना चाहिए। आग बुझाने का पूरा इतंजाम होना चाहिए। यदि कारखाना अधिनियम 1948 या इस अधिनियम के अंतर्गत बनाए गए किन्ही कानूनों के प्रावधानों या अधिनियम के अंतर्गत लिखित किसी आदेश का उल्लंघन किया जाता है तो उसे अपराध माना जायेगा। इसके लिए 2 वर्ष तक का कारावास तथा 01 लाख रूपये तक का जुर्माने का प्रावधान है। कोरोना महामारी के संक्रमण से बचाव के उपायों यथा मास्क का प्रयोग, सामाजिक दूरी, साफ-सफाई एवं कुछ घण्टों के अंतराल पर साबुन से हाथ धोने इत्यादि के बारे में जानकारी प्रदान की गयी।
इस अवसर पर रिसोर्स पर्सन रंजीता शर्मा द्वारा श्रम अधिनियम, दिलीप कुमार सिंह द्वारा मातृत्व लाभ अधिनियम 1961 तथा पैनल लाॅयर देवेन्द्र कुमार यादव द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा महिलाओं को प्रदान की जाने वाली सहायता के बारे में बताया गया।
इस अवसर पर मध्यस्थगण सुबाष यादव, अखिलेश, विजय शंकर, मनोज वर्मा तथा रिसोर्स पर्सन शालिनी मौर्या तथा वादकारी उपस्थित रहे।
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