झोलाछाप सर्जन कर रहे सर्जरी मरीजों को भेज रहे यमलोक



ब्यूरो अक्षय मेल



बछरावां /रायबरेली -- एक तरफ सरकार आयुष्मान भारत योजना चलाकर गरीबों के स्वास्थ्य के लिए उपक्रम कर रही है वहीं दूसरी तरफ बछरावां नगर व आसपास के क्षेत्रों में झोलाछाप सर्जन, डॉक्टर व कंपाउंडर का जो काकश बढ़ रहा है उस पर स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारी लगाम लगाने में कामयाब नहीं हो पा रहे हैं। धड़ल्ले से इन झोलाछाप सर्जन डॉक्टरों की टीम इन कुकुरमुत्ता की तरह खुले नर्सिंग होम्स में धड़ल्ले से ऑपरेशन कर रहे हैं। अभी कुछ दिन पूर्व रायबरेली रोड पर स्थित एक नर्सिंग होम में ऑपरेशन करने के लिए गए झोलाछाप सर्जन को पत्रकारों के आने की सुगबुगाहट होने पर मौके से फरार हो गए। उसके बाद पत्रकारों को गाड़ी की शिनाख्त हो जाने के बाद गाड़ी बदल कर चोरी छुपे लगातार सर्जरी कर रहे हैं। दरअसल सर्जन सर्जरी के आठ से दस हजार रुपए लेता है। वही यह झोलाछाप सर्जन पूरा काम अनुभव के आधार पर तीन से चार हजार में ऑपरेशन करके मरीज को राम भरोसे छोड़कर पूरा काम निपटा देते हैं। इनकी सूचना आला अधिकारियों को समाजसेवियों के माध्यम से पहुंचाई जा रही है। लेकिन मोटी रकम लेकर आला अधिकारी भी कोई कार्यवाही करने से कतरा रहे हैं। इन नर्सिंग होम में आए दिन मरीजों की ऑपरेशन के बाद मौते लगातार हो रही हैं। लेकिन इन मौतों पर बछरावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक से लेकर जिले के सीएमओ तक कार्रवाई के नाम पर कतरा रहे हैं। अवैध धन उगाही के लिए खुले यह कत्ल गाह केवल धन उगाही के लिए झोलाछाप सर्जन से लगातार मरीजों की जाने ले रहे हैं। बछरावां क्षेत्र ही नहीं वरन शिवगढ़, महाराजगंज, निगोहा व लालगंज अन्य कई जगहों पर धड़ल्ले से सर्जरी का काम लगातार जारी किए हुए हैं।

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