लकडी और उपलों के भण्डारण के काम आ रहें हैं इज्जत-घर

लकडी और उपलों के भण्डारण के काम आ रहें हैं इज्जत-घर


 
 शुकुल बाजार अमेठी---सरकार स्वच्छ और सुन्दर भारत निर्माण की परिकल्पना को साकार रूप देने में  पूर्णतया कटिबद्ध है जिसके लिए स्वच्छ भारत मिशन जैसी महत्वाकांकषी योजना को धरातल पर लाने में तल्लीन देखी जा रही है परिणामत:घर घर इज्जत घर का निर्माण होते देखा जा रहा है वहीं गाँवों में सरकार का यह मिशन धीर धीरे पटरी से भटकते देखा जा रहा हर घर के मुखिया को स्वच्छ भारत मिशन योजना के अन्तर्गत सरकार द्वारा बारह हजार रूपये अनुदान राशि इज्जत घर निर्माण हेतु अवमुक्त की जाती है जिसके पीछे भारत को स्वच्छ और सुन्दर बनाने का सरकार का  सपना है वहीं गाँवों में सरकार के इस लक्ष्य को लोग असहयोग देते प्रतीत हो रहे हैं ऐसे कुटुम्ब मुखिया हैं जिन्हों ने गड्ढे खदाई कर लिए ,निर्माण नही हुआ ,यदि निर्माण हुआ है तो उचित उपयोग न होकर लकडी और उपलों के भण्डारण के काम आते देखे जा रहे हैं बानगी के तौर पर अहमद पुर ,मवैया रहमत गढ हैं।नेवाज गढ कैथन में इज्जत घर में लकडी और उपलों का भण्डारण  किया गया है जबकि सरकार इस मिशन को तीव्र गति देते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत में सुलभ शौचालय के निर्माण पर पुरजोर हिमायत करती करती देखी जा रही है जिससे यह मिशन परवान चढ सके परन्तु जिनके इज्जत घर नही बने और जिनके बन चुके हैं उनमें से लगभग पचास प्रतिशत जनों  की खुले में शौच जाने की धारणा नही बदली है लोग इज्जत घर का उपयोग करें प्रशासन द्वारा हिदायतें भी दी गईं बावजूद इसके भोर होते ही डिब्बा परेड जारी हो जाता है  ऐसे में चन्द लोगों द्वारा सरकार केइस मिशन को मुह चिढाना कहा जाये तो अतिशयोक्ति नही होगा। 
लोगों की इस धारणा के प्रति बीडीओ राजीव गुप्ता का कथन है --जिन लोगों ने धन लेने बाद शौचालय नही बनवाया उनसे धन की वसूली की नोटिस जारी की जायेगी ,और निर्माण के बाद उसका दुरुपयोग किया जा रहा है। तो इसकी भी निगरानी करायी जायेगी जिससे राष्ट्रीय धन का दुरुपयोग न  हो सके।

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