प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से गरीब आवास से वंचित

प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की मिलीभगत से गरीब  आवास से वंचित

 
14दिन बीते नही हुआ जाँच कराने की माँग पर अमल 


शुकुल बाजारअमेठी ---पक्की छत की आश एक गरीब परिवार की पूर्ण होते नही दिख रही है  पात्र होते हुए  भी अपात्र बनाकर दिया गया प्रधान मंत्री आवास योजना से वंचित जाँचोपरान्त आवास दिये जाने का प्रार्थना पत्र पर 14दिनबीतने के बाद भी बीडीओ कार्यालय द्वारा अमल में नही लाया जा सका। 
प्रकरण  ग्राम पंचायत पाली के समदा गाँव से जुडा है जो गोमती नदी के दूसरे छोर पर स्थित है। 
बताते चलें यहाँ के निवासी ओम प्रकाश पुत्र जगप्रसाद  का नाम पात्रता सूची के क्रमांक130पर अंकित है जो एक छप्पर के नीचे गुजारा कर रहा है प्रधान मंत्री की महत्वाकाँक्षी आवासीय योजना के अंतर्गत कच्चे मकान व छत विहीन लोगों को आवास दिया जाना नियत किया गया है।  जिसके चलते ओम प्रकाश ने पक्की छत की आश लगा रखी है। शौचालय की धनराशि भी उक्त को निर्गत कर दी गई   जबकि गाँव में अन्य पात्रों को आवास प्राप्त हो चुका है और ओम प्रकाश आज भी आवास के लिए -उसकी पात्रता की पुनरजाँच करायी जाये के लिए लिखित माँग करते हुए अधिकारी के द्वार खटखटाता फिर रहा है। उसकी ओर अभी किसी की नजर नही गई इस सम्बन्ध में 
यदि ओम प्रकाश की मानें तो ग्राम प्रधान व ग्राम विकास अधिकारी की मिली भगत से उसे आवास से वंचित कर दिया गया  खण्ड विकास अधिकारी को  3 सितम्बर को दिये गये पत्र  में  जाँच की माँग की गई है कि छप्पर के नीचे गुजारा करने व आवास के पात्र होते हुए भी आवासीय सुविधा का लाभ नही दिया गया  जिससे  यथार्थ स्थित स्पष्ट  हो सके  परन्तु दिये गये प्रार्थना पर विकास कार्यालय की प्रक्रिया पर खण्डविकास अधिकारी राजीव गुप्ता  से मिली जानकारी से  उसका  माँग पत्र शिथिलता के बस्ते में पडा है साथ ही ओम प्रकाश को आवास से वंचित किये जाने के कारणों के सम्बन्ध मे
ग्राम विकास अधिकारी मनोज कुमार मिश्रा से जानने का प्रयास किया गया तो फोन रिसीव न किये जाने से  जानकारी नही हो सकी। 
बहर हाल ओम प्रकाश को वंचित किये जाने की वजह कुछ भी हो  किन्तु जिन परिस्थितियों के चलते गरीबों को आवास  दिये जा रहे हैं शिकायती को आवास की दरकार प्रतीत हो रही है।

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