बछरावां क्षेत्र के किसान खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर (खुलेआम उड़ाई जा रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां)

बछरावां क्षेत्र के किसान खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर
(खुलेआम उड़ाई जा रही सोशल डिस्टेंसिंग की धज्जियां)




बछरावां रायबरेली — एक तरफ सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए नित नए उपक्रम कर रही है और किसान भी अपने लिए अच्छे दिनों की बाट जोह रहा है लेकिन सरकारी उदासीनता के कारण किसान की आय दोगुनी तो क्या आधी भी बचती दिख रही है। एक तरफ मौसम की मार दूसरी तरफ आवारा जानवर की मार और तो और समय पर सरकार द्वारा यूरिया खाद का उपलब्ध ना करा पाना किसानों की आय आधा भी नहीं बचा पा रहा है। कैसे चलेगी किसानों की जीविका कैसे वह अपना जीवन यापन कर सकेंगे क्षेत्र में यह एक यक्ष प्रश्न बना हुआ है। जिले के कृषि विभाग के अधिकारी और प्रशासन दोनों पूरी तरह से किसान का सहयोग कर पाने में असफल साबित हो रहे हैं। किसानों को मार्केट से कालाबाजारी में यूरिया खाद 350 रूपए में खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसिया ग्रामसभा के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार चौधरी ने बताया कि वर्तमान सरकार की उदासीनता के कारण ही हम लोग इस महामारी काल में भी यूरिया खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं। काफी कोशिशों के बाद भी खाद नहीं मिल पा रही है। आलम तो यह है कि धान रोपाई के दो महीने से अधिक समय व्यतीत हो चुका है क्षेत्र की किसी भी सहकारी समिति पर आज तक यूरिया खाद नहीं मिल पाई है। बछरावां के इफको किसान केंद्र पर बछरावां के ही नहीं वरन अगल-बगल के क्षेत्रों के लोग सुबह तीन बजे से ही लाइन लगाकर खाद लेने के लिए आ जाते हैं। सोशल डिस्टेंसिंग की उड़ती हुई धज्जियां देखी जा सकती हैं। सुबह से शाम तक इस आशा में लाइन लगाकर हैं कि खाद मिल जाएगी लेकिन अक्सर उनको बिना खाद के भी घर वापस लौटना पड़ता है। खाद सेंटर पर आए दिन किसानों को जेब कतरों से भी हलकान होना पड़ता है। किसानों की गाढ़ी कमाई का पैसा भीड़ भाड़ में जेब कतरे अपना काम दिखा देते हैं। दलालों के काकश के कारण आम आदमी को आसानी से खाद नहीं मिल पा रही है। एक किसान ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इफको सेंटर पर तैनात सुरक्षाकर्मी खुद ही खाद की कालाबाजारी में संलिप्त होकर अवैध धन उगाही में लगे हुए हैं। मौके मौके पर 270 रूपए की यूरिया खाद 300 रुपए में बेच कर आय का एक जरिया बनाए हुए हैं।

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