श्रीमती उमराई यादव के विचार आज भी प्रासंगिक - वीरेन्द्र यादव
- संकल्प दिवस के रूप में मनाई गई स्वतन्त्रता सेनानी उमराई यादव की 49वीं पुण्य तिथि
- जन्म स्थली बेला-भेला में पीपल का वृक्ष रोपित कर उमराई यादव के मिशन को पूरा करने का लिया संकल्प
नीलम ब्यूरो, दैनिक अक्षय मेल समाचारपत्र रायबरेली
रायबरेली, 02 अगस्त, 2020!
जिला पंचायत सदस्य वीरेन्द्र यादव ने कहा कि श्रीमती उमराई यादव के विचार आज भी प्रासंगिक हैं। 12 वर्ष की आयु में वानर सेना में श्रीमती इन्दिरा गांधी के साथ सत्याग्रह में शामिल होकर ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ आवाज बुलन्द की। देश की आजादी में अपना योगदान दिया। इससे हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। वीरेन्द्र यादव उमराई यादव की जन्मस्थली बेला-भेला में ओ.पी. यादव यूथ ब्रिगेड के तत्वाधान में उनकी 49वीं पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित संकल्प दिवस समारोह में बोलते हुए यह बात कही। ओ.पी. यादव यूथ ब्रिगेड के अध्यक्ष संजय पासी ने कहा कि श्रीमती उमराई यादव के पिता महावीर यादव 7 जनवरी सन् 1921 में मुंशीगंज गोली कांड में घायल हुए थे और जेल गये थे। 6 जनवरी 1921 को उमराई यादव के ससुर सद्धू प्रसाद यादव, सास श्रीमती इंदिरा यादव, 9 वर्षीय पति बद्री प्रसाद यादव उन्ड़वा के तालुकेदार निहाल सिंह जो अंग्रेजों का चाटुकार था, उसकी फसली नष्ट करने व जिल्ला फूंकने के आरोप में गांव व पड़ोसके 123 व्यक्तियों के सहित जेल गये थे। इन सबकी मुलाकात पंडित जवाहर लाल नेहरू व गणेश शंकर विद्यार्थी से हुई थी। महावीर यादव व सद्धू प्रसाद यादव पंडित जवाहर लाल नेहरू के काफी करीबी हो गये थे, वहीं पर उमराई यादव व बद्री प्रसाद यादव स्वतन्त्रता आन्दोलन मंे कई बार जेल गये, सबसे अन्तिम बार 9 अगस्त 1942 को जेल गये। डा. डी.बी. सिंह ने कहा कि उमराई यादव ने देश को आजादी मिलने के बाद भी अन्याय के खिलाफ संघर्ष जारी रखा। इस परिवार ने स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों को मिलने वाली पेंशन व अन्य लाभ कभी नहीं लिया। उनके तीन पुत्र रामनरेश यादव शिक्षक नेता, राम बहादुर यादव श्रमिक नेता व ओ.पी. यादव समाजवादी नेता है। एक पुत्री राजकुमारी यादव गृहस्थी संभालती हैं। इस अवसर पर एक पीपल का वृक्ष रोपित कर श्रीमती उमराई यादव के मिशन को पूरा करने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम का संचालन राजन रस्तोगी ने किया।
इस अवसर पर मुख्य रूप से श्री हनुमान मन्दिर के महन्त बाबा चेतनदास, जिला पंचायत सदस्य चन्द्रिका प्रसाद, धर्मेन्द्र यादव, ई. राम विलास यादव, शशि कुमार यादव एडवोकेट, जय सिंह यादव एडवोकेट, आलोक विक्रम सिंह एडवोकेट, विनय यादव, दीपक राही, मदन यादव, विश्वनाथ यादव, अशोक कुमार बी.डी.सी., तेज बहादुर, रोहन लाल मौर्य, झूरी मौर्य, बुधई गौड़, श्याम लाल नाई, अरविन्द, अंकुश यादव, खन्ना यादव, राजा यादव, शेर बहादुर प्रजापति आदि लोगों ने श्रीमती उमराई यादव के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला।

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