मनुष्य के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अनिवार्य - (एनएसएस प्रभारी) डॉ शालिनी


मनुष्य के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अनिवार्य - (एनएसएस प्रभारी) डॉ शालिनी



दैनिक अक्षय मेल समाचार पत्र रायबरेली


बछरावां रायबरेली। दयानंद पीजी कॉलेज में एनएसएस एवं एनसीसी कैडेटों ने पर्यावरण दिवस को बड़े उत्साह  से शासन द्वारा बताये गए कोविड-19 से संबंधित नियमों का पालन करते हुए मनाया और इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुभाष चंद्र श्रीवास्तव जी ने कदंब एवं मौलश्री का वृक्ष लगाया और कहा कि प्रकृति संरक्षण का जज्बा हमारे संस्कारों से जुड़ा होना चाहिए, अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए  प्रकृति के साथ समन्वय जरूरी है लेकिन आज विकास के नाम पर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने वृक्षारोपण के महत्व को बताते हुए कहा कि"प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए वृक्ष आवश्यक हैं और मनुष्य के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए वृक्षारोपण अनिवार्य है। "एनएसएस प्रभारी डॉ शालिनी श्रीवास्तव ने वृक्षारोपण के महत्व को बताते हुए कहा कि जब तक पर्यावरण संरक्षण की ललक पैदा नहीं होती तब तक दूषित पर्यावरण के दुष्प्रभाव झेलने पड़ सकते हैं इसलिए वृक्षारोपण बहुत जरूरी है। उत्कर्ष पब्लिक स्कूल के प्रबंधक भगवान कुमार अवस्थी ने कहा कि कोरौना महामारी के कारण घोषित लाकडाउन में आज नदिया शुद्ध हो गई हैं और पर्यावरण स्वच्छ हो गया है पहले लोग अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के साथ ही प्रकृति के साथ समन्वय बनाकर चलते थे लेकिन मौजूदा समय में लोग पर्यावरण का दोहन कर रहे हैं। इस मौके पर एनएसएस के स्वयंसेवकों ने भी वृक्षारोपण किया। महाविद्यालय के एनसीसी प्रभारी डॉ विष्णु चंद श्रीवास्तव, परीक्षा प्रभारी डॉ शिशिर श्रीवास्तव ने भी वृक्षारोपण की आवश्यकता पर विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर महाविद्यालय के कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

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