मृतक बेटे के कातिलों को सज़ा दिलाने के लिए दर दर भटक रहा है पूरा परिवार
नीलम ब्यूरो- रिपोर्ट अनील कुमार क्ष दैनिक अक्षय मेल समाचार पत्र रायबरेली
रायबरेली प्रदेश में बीजेपी सरकार बनने के बाद उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में साफ लफ्जो में यह आदेशित किया था कि पुलिस विभाग के अधिकारी फरियादियों की शिकायत को प्रमुखता से लें और उसका निस्तारण तत्काल कराया जाए जिस का फरमान उत्तर प्रदेश के पुलिस के मुखिया ने भी सभी पुलिस अधीक्षकों को यह आदेश किया कि थानों पर ही फरियादियों की फरियाद सुनी जाए और उन पर त्वरित कार्यवाही भी सुनिश्चित कराई जाए लेकिन बात अगर रायबरेली की की जाए तो शायद इसका असर रायबरेली सी पुलिस पर देखता नजर नहीं आ रहा है ताजा मामला रायबरेली के गुरबक्श गंज थाने का है जहां तकरीबन 1 महीने से अपने बेटे की हत्या की आशंका प्रकट करते हुए मृतक के माता-पिता पुलिस अधीक्षक व थाने के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन आज भी उनकी रिपोर्ट तक थाने पर दर्ज नहीं कराई गई रायबरेली के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर खड़ा यह बुजुर्ग और उसकी पत्नी मृतक बेटे को न्याय दिलाने के लिए लगातार प्रयासरत है लेकिन रायबरेली पुलिस है कि उसके कान में जूं तक नहीं रेंग रही है
दरअसल बीते माह रामशंकर के लड़के की लाश गांव के ही एक बाग ले गमछे से लटकती हुई मिली थी जिसकी सूचना मृतक अतुल के पिता ने थाने पर दी थी जिसके बाद थाने की फोर्स मौके स्थल पर पहुच कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया लेकिन मृतक के पिता की माने तो बताया कि मेरा बेटा घर पर था और किसी का फोन आया था और वह यह कहकर गया था कि दोस्तो से मिलने जारहा हूँ वापस आकर कहना कहूंगा बहुत देर होजाने के बाद जब वह वापस नही आया तो हमलोग ने सोंचा की शायद दोस्तो के पास रुक गया होगा लेकिन दूसरे दिन ग्रामीणों की सूचना मिली कि मेरे बेटे ने फांसी लगा ली है पूरा परिवार मौके पर पहुचा और थेन पर सूचना दी पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिये भेज दिया और पंचायतनामा भरते समय गमछे की जगहा रस्सी दिखाई और हम लोगो की तहरीर पर मुकदमा भी पंजीकृत नही किया जब कि मेरे बेटे का मोबाइल आज भी पुलिस के पास है और मोबाइल की कॉल डिटेल भी नही निकली मेरे द्वारा कई बार थाने पर प्रथनपत्र भी दिया लेकिन कोई मुकदमा दर्ज नही किया गया सवाल या उठता है कि आखिर मृतक के परिजनों के द्वारा तहरीर देने के बाद भी गुरबक्श गंज पुलिस उस पर मुकदमा क्यों नहीं दर्ज कर रही है यह एक बड़ा सवाल है और बीते 1 महीने से लगातार मृतक का परिवार थाने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय के चक्कर लगा रहा है लेकिन न्याय नहीं मिल पा रहा है साहब इस ओर भी आपको ध्यान देना होगा क्योंकि रायबरेली की पुलिस हो चुकी है बेलगाम फिलहाल मृतक के पिता ने मीडिया कर्मियों से साफ तौर पर बताया कि गमछे से लटका मेरा पुत्र और उसको ले जाने के बाद पंचनामा में रस्सी क्यों दिखाई गई यह भी एक बड़ा सवाल है जो पुलिस को कटघरे में जरूर खड़ा करता है और लगातार जिस तरह से पुलिस विभाग के थानों पर गैर सुनवाई की जा रही है उसका ही एक बड़ा प्रमाण है कि लॉकडाउन के बाद जिस तरह से पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर फरियादियों का जमवाड़ा इकट्ठा हो रहा है यह कहीं ना कहीं जरूर दर्शाता है कि रायबरेली पुलिसिंग फेल होती साबित हो रही है और पुलिस अधीक्षक की भी किरकिरी जरूर करा रहे हैं अब देखना यह होगा कि रायबरेली के पुलिस अधीक्षक स्वप्निल ममगई जो अपनी साफ छवि के लिए जाने जाते हैं इस पर क्या रुख अख्तियार करते हैं और ऐसे मनमाने थानाध्यक्षों पर क्या कार्यवाही करते हैं यह तो अभी गर्भ में है फिलहाल पुलिस अधीक्षक को इस और जरूर ध्यान देना होगा क्योंकि आपके मातहत ही आपकी कार्यशैली पर जरूर बट्टा लगा रहे हैं इनपर कारवाही ज़रूरी है

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