2 वर्ष पूर्व दरोगा की हत्यारोपी को क्राइम ब्रांच और हरचंदपुर पुलिस ने आलाकत्ल किया गिरफ्तार
नीलम ब्यूरो, दैनिक अक्षय मेल समाचार पत्र रायबरेली
हरचंदपुर, रायबरेली ।।हरचंदपुर थाना क्षेत्र के गंगागंज के पास 2 साल पहले हुई अमेठी में तैनात रेडियो विभाग के दरोगा की निर्मम हत्या का पुलिस को खुलासा करने में 2 साल का वक्त लग गया रायबरेली में तैनात तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह के समय यह निर्मम हत्या की गई थी लगातार उसके बाद से परिजन पुलिस अधीक्षक से लेकर डीजीपी मुख्यमंत्री तक न्याय की गुहार लगाते रहे इस बीच थाने के कई थानाध्यक्षों का ट्रांसफर भी हुआ और सबसे बड़ी बात जिस थाना अध्यक्ष की पोस्टिंग के समय यह निर्मम हत्या हुई थी इत्तेफाक है कि आज वही थाना अध्यक्ष हरचंदपुर थाने की कमान संभाल रहा है और आप गौर से देखिए इस पुलिस के द्वारा दी गई प्रेस विज्ञप्ति को जिसमें मौजूदा तैनात पुलिस अधीक्षक का नाम तक अंकित नहीं है फिलहाल 2 साल बाद इस हत्याकांड के खुलासे को लोग व उनके परिजन अभी तक पचा नहीं पा रहे हैं फिलहाल स्थानीय ग्रामीण व परिजन इस हत्याकांड के खुलासे को अभी तक पचा नहीं पा रहे हैं क्योंकि हत्या का खुलासा करने में रायबरेली की पुलिस ने एक लंबे समय के अंतराल के बाद जो खुलासा किया है उसको लेकर परिजन आज भी अचंभित है और यह कहने से गुरेज नहीं कर रहे हैं कि शायद इस खुलासे में भी कई बड़े नामों को छुपाकर खुलासा किया गया है फिलहाल रायबरेली की पुलिस खुलासा करने के बाद अपनी पीठ जरूर थपथपा रही है लेकिन परिजनों की मानें तो उन्होंने इस पूरे मामले पर सीबीआई जांच की मांग की थी और 2 साल बीतने के बाद आज इस बहुचर्चित हत्याकांड का खुलासा किया गया है अब इसमें कितनी सच्चाई है और किस तरह से विवेचना की गई है यह तो विभागीय मामला है पुलिस विभाग ही इसको बेहतर जाने फिलहाल आरोपियों को जेल भेज दिया गया ।
दरअसल धर्मेंद्र कुमार गौतम जो पुलिस वायरलेस विभाग अमेठी में तैनात दिनांक 20 आठ दो हजार अट्ठारह की रात में हाईवे स्थित ट्यूबेल पर धारदार हथियार से निर्मम हत्या कर दी गई थी अभी योग हरचंदपुर थाने पर पंजीकृत हुआ विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष द्वारा ग्रहण की गई थानाध्यक्ष का स्थानांतरण होने के बाद अभियोग स्थानांतरित की गई विवेचना से मिले साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त गण सोनू यादव विजय यादव बबलू चौरसिया अंजनी रामकुमार मुकदमा अपराध संख्या 2014 बटे दो हजार अट्ठारह धारा 302 के तहत दर्ज की गई है फिलहाल अपर पुलिस अधीक्षक नित्यानंद राय ने प्रेस वार्ता का खुलासा करते हुए बताया कि जमीनी विवाद को लेकर यह हत्या की गई थी विवेचना में जो साक्ष्य मिले उनके आधार पर मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और वैधानिक कार्यवाही की जा रही है अभियुक्तों की निशानदेही पर आला कत्ल कुल्हाड़ी गड़ासा बरामद किया गया है पूरी घटना के अनावरण करने वाले निरीक्षक टीम को पुलिस महा निरीक्षक के द्वारा दस ₹10000 के इनाम की घोषणा भी की गई है।

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