दैनिक अक्षय मेल समाचार रायबरेली
रायबरेली ।। 21 अप्रैल 2020 कोविड -19 लाक डाउन की समय सीमा बढ़ने के चलते गरीब, निराश्रित असहाय, रोज़मर्रा की कमाई कर अपना और अपने परिवार का पेट पालने वालो के सामने काम व दाम दोनों के अभाव में पेट पालना मुश्किल हो रहा था और साथ मे कोरोना नामक महामारी जिसमें न वे घर से बाहर जा सकते हैं और न इतनी बचत पूँजी हैं कि उसके सहारे महीनों कट जाए। ऐसे में मदद को आगे आए बहुजन संगठन बहुजन शक्ति संघर्ष वाहिनी, विश्व दलित परिषद एवं sc/st बेसिक टीचर वेलफेयर एसोसिएशन रायबरेली जिन्होंने इस महाविप्पत्ति के दौर में इंसानियत को जिंदा रखते हुए गरीबो और असहाय हेतु अपने निजी वेतन से अंशदान कर रोहित कुमार चौधरी व राजेश कुरील के संचालन में संचालित "पंचशील- अन्न- बैंक " मुहिम को प्रारम्भ करने में अहम योगदान दिया। वहीं लॉक डाउन में "पंचशील अन्न बैंक"सोशल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करते हुए शहर में रह रहे गरीब,दिहाड़ी मजदूर,वृद्धा विधवा,असहाय,निराश्रित लोगों के घर-घर पहुंच कर "अन्न दान"( खाद्यान्न सामाग्री वितरण) करके अन्न का प्रबंध कर रही हैं। जिसके चलते रायबरेली शहर में कोई भी व्यक्ति भूखा न रहे।
लॉक डाउन के प्रथम चरण से निरन्तर गरीबो की सेवा में संचालित "पंचशील अन्न बैंक"मोबाइल सेवा लॉक डाउन के द्वितीय चरण के छठवें दिन भी सूरजूपुर, राजघाट, निकट अमरेश पुरी कालोनी, पुलिस लाइन चौराहा, लोहानी पुर, के गरीबो को "अन्नदान" कर खाद्य सामग्री वितरित की गयी।
साथ ही में शहर के विभिन्न विभिन्न क्षेत्रों में रात्रि गस्त करके नगर वासियों की रखवाली करने वाले चौकीदार (नेपाली )भाइयो को भी राशन किट प्रदान की गयी।
आज के दिन "पंचशील अन्न बैंक " में विशेष सहयोगी की भूमिका में राम कुमार धीमान (आरके बाबू), बीरेंद्र कुमार पासवान महमदमऊ (लालगंज), वीर बहादुर खीरो व,सुनील गौतम (बछरावां )व अन्य लोग रहे।
" पंचशील अन्न बैंक"मोबाइल सेवा शहरवासियों की सेवा में 24x7 समर्पित हैं।

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