वर्ष 2017 में समाजवादी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। मगर ये सपा के लिए घाटे का सौदा साबित हुआ। जिसके बाद बीते साल लोकसभा चुनाव में बसपा के साथ मिलकर सपा मैदान में आई नतीजों के बाद दोनों अलग हो गयीं।
गठबंधन कर पछताने वाले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आखिरकार पहले ही घोषणा करदी कि विधानसभा चुनाव 2022 में सपा अकेले ही मैदान में उतरेगी। किसी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं होगा।
अब बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भी ऐलान किया है कि वे भी आगामी विधानसभा चुनाव में किसी दल के साथ गठबंधन नहीं करेंगी।
वहीँ कांग्रेस भी प्रियंका गाँधी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की राजनीति में उभर कर आने की कोशिश में जुट गयी है। प्रियंका गांधी वाड्रा की सक्रियता ने कार्यकर्ताओं में उत्साह भी भरा है। ऐसे में विधानसभा चुनाव 2022 आते-आते उत्तर प्रदेश की सियासत एक नए मोड़ की ओर जाती दिख रही है।
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