अमेठी शुकुल बाजार की पावन धरा पर सगरा पीठाधीश्वर मौनी महाराज का आगमन हुआ सगरा पीठाधीश्वर मौनी महाराज के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा सबसे पहले सगरा पीठाधीश्वर मौनी महाराज पूरे बडगाइन गांव मे भागवत कथा में शामिल हुए ।उसके बाद हनुमानगढ़ी के महावीरन धाम में प्रमुख पुजारी अलख पुरुष दास के साथ हनुमान जी के दर्शन किए तथा लोगों को प्रसाद दिया भागवत कथा में सगरा पीठाधीश्वर मौनी महाराज ने सनातन धर्म पर प्रकाश डालते हुए कहा सनातन का अर्थ है जो शाश्वत हो, सदा के लिए सत्य हो। जिन बातों का शाश्वत महत्व हो वही सनातन कही गई है। जैसे सत्य सनातन है। ईश्वर ही सत्य है, आत्मा ही सत्य है, मोक्ष ही सत्य है और इस सत्य के मार्ग को बताने वाला धर्म ही सनातन धर्म भी सत्य है। वह सत्य जो अनादि काल से चला आ रहा है और जिसका कभी भी अंत नहीं होगा वह ही सनातन या शाश्वत है। जिनका न प्रारंभ है और जिनका न अंत है उस सत्य को ही सनातन कहते हैं। यही सनातन धर्म का सत्य है वैदिक या हिंदू धर्म को इसलिए सनातन धर्म कहा जाता है, क्योंकि यही एकमात्र धर्म है जो ईश्वर, आत्मा और मोक्ष को तत्व और ध्यान से जानने का मार्ग बताता है। मोक्ष का कांसेप्ट इसी धर्म की देन है। एकनिष्ठता, ध्यान, मौन और तप सहित यम-नियम के अभ्यास और जागरण का मोक्ष मार्ग है अन्य कोई मोक्ष का मार्ग नहीं है। मोक्ष से ही आत्मज्ञान और ईश्वर का ज्ञान होता है। यही सनातन धर्म का सत्य है।सनातन धर्म के मूल तत्व सत्य, अहिंसा, दया, क्षमा, दान, जप, तप, यम-नियम आदि हैं जिनका शाश्वत महत्व है। अन्य प्रमुख धर्मों के उदय के पूर्व वेदों में इन सिद्धान्तों को प्रतिपादित कर दिया गया था। इस अवसर पर मुनि जी महाराज ,हिंदू युवा वाहिनी जिला उपाध्यक्ष रमेश तिवारी, प्रधान प्रतिनिधि उदय नारायण मिश्रा, प्रधान प्रतिनिधि श्याम सिंह, सुरेंद्र तिवारी, दीपक ओझा ,सहित हजारों भक्त मौजूद रहे।
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