नीलम
दैनिक हिन्दी अक्षयमेल, रायबरेली
उत्तर प्रदेश के डीह/रायबरेली जिले में लेमन मैन के नाम से देश में प्रसिद्ध हो रहे आनंद मिश्रा की निम्बू की बागवानी, जिसे देखने के लिए देश के कोने-कोने से लोगों का आना जारी है रायबरेली प्रतापगढ़, सुल्तानपुर ,उन्नाव, लखनऊ, फैजाबाद बाराबंकी से प्रतिदिन लोग आ रहे हैं बागवानी देखने और सीखने ।
आनंद मिश्रा बागवानी के साथ-साथ पर्यावरण ,जल संरक्षण तथा मृदा संरक्षण और जैविक खेती पर काम करते हैं और देश के अंदर जैविक खेती को बढ़ावा देना चाहते इनका कहना है कि जिन किसानों के पास जमीन है उस जमीन में कुछ हिस्से में पारंपरिक खेती करें और कुछ में बागवानी करें , जिससे उन्हें 30 से 35 साल तक लगातार आमदनी होती रहती है ।
साल में पहुंचे दो बार लगाए जाएंगे निम्बू के पौधे , जनवरी में और जून में रोपाई होती हैं एक नींबू की बाग एक बार लगने पर 30 से 35 साल तक चलती रहती है दूसरे और तीसरे साल से उत्पादन होने लगता है जो साल दर साल उत्पादन बढ़ता ही जाता है इस प्रकार बागवानी करने से 2 से 3 साल बाद एक बीघे बाग में लाखों रुपए की आमदनी किसानों को होने लगती है जो पारंपरिक खेती में बमुश्किल हजारों में होती है।
नींबू की बागवानी लगभग सभी प्रकार की मिट्टियों में हो जाती है आनंद मिश्रा को इस क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रशस्ति पत्र पत्र मिल चुके हैं उनकी यह मुहिम अब रंग लाती दिख रही है "किसान बेहाल से किसान मालामाल "की मुहिम को पूरे देश में फैलाना चाहते हैं हर किसान को धनवान देखना चाहते किसानों की आमदनी दुगनी सेभी अधिक हो , इस दिशा में हमारा प्रयास हर समय जारी रहेगा ।
सभी सरकारी विभागों का अच्छे से सहयोग मिल रहा है और वह किसानों को भी सहयोग कर रहे हैं उनके साथ मिलकर अगली हमारी बागवानी की मुहिम चलने वाली है
अभी हर दिन किसानों के डेलिगेशन बागवानी देखने बागवानी को समझने और पौधे लेने की बात करने के लिए आते हैं जिसमें आज की तारीख में देश के 90 किसान अलग-अलग कोनों से आनंद मिश्रा से संपर्क में है जो बागवानी करना चाहते हैं नींबू की पौध लेने के लिए तैयार है उनको मिश्रा जी पूरी ट्रेनिंग दे रहे ,पूरा समझा रहे हर तरह से उनकी सहायता करने की कोशिश करते है।
जय जवान जय किसान और जय विज्ञान नई टेक्नोलॉजी के साथ हम लोग आगे बढ़ेंगे और देश की सभी किसानों को हम शुभकामनाएं देते हैं

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