*पर्युषण पर्व के छठवें दिन जैन भक्तो ने उत्तम संयम धर्म को अंगीकार कर सुगंध दशमी पर्व धूमधाम से मनाया*
रायबरेली। जैन मंदिर में जैन अनुयायियों ने धूप चढ़ाकर अपने कर्मों का क्षय किया। हवन में दी गयी आहुतिओ से मंदिर परिसर के चारो ओर का वातावरण महक उठा।
सिविल लाइन स्थित दिगम्बर जैन मंदिर में पर्युषण महापर्व के छठवें दिन जैन शास्त्री के निर्देशन में सुगंध दशमी पर्व पर भगवान शीतलनाथ की पूजा की गई। गुरुवार को सुबह 6 बजे भगवान की शांतिधारा करने के बाद धूपदशमी की विधि विधान से पूजा की गयी।जैन भक्तो ने उपवास रख कर जैन मंदिर में श्रीजी भगवान को धूप खेई गई। जैन श्रद्धालुओं ने मंदिरों में धूप खेकर भगवान से स्वस्थ रहने और अपने अंदर व्याप्त बुराइयां समाप्त करने की प्रार्थना की।
दिगंबर जैन मंदिर के चारों ओर धूप की भीनी-भीनी खुशबू वातावरण को सुगंधित कर रही थी। जैन मान्यताओं के अनुसार पर्युषण पर्व के अंतर्गत आने वाली धूप दशमी का काफी महत्व है उत्तम संयम धर्म पर वरिष्ठ इंदर चंद जैन ने प्रवचन में समझाया गया कि
जिस प्रकार घोड़े के लिए लगाम, ऊँट के लिए नकेल, हाथी के लिए अंकुश और गाड़ी के लिए ब्रेक की जरूरत होती है वैसे ही मानव जीवन में संयम की आवश्यकता होती है। संयम बिना मानव जीवन पशु के तुल्य है। जैन समाज के मीडिया प्रभारी अंकित जैन ने बताया कि सुबह पूजा अर्चना के बाद शाम को सामूहिक आरती व धर्म पर आधारित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जा रहे हैं इस अवसर पर जैन समाज के संदीप जैन, आरके जैन,रमेश जैन,शैलेन्द्र जैन,राजीव जैन,संजीव जैन,संजय जैन,अजय जैन,अनिल जैन,अशोक जैन,सुधीर जैन,वैभव जैन,नितिन जैन, राकेश जैन,अरिहंत जैन,अनीता जैन,रंजना जैन,शारदा जैन,प्रियांशी जैन,नेहा जैन,रुचिका जैन,स्वाति जैन,इंदु जैन,रेनू जैन,नीरू जैन,प्रियंका जैन,पूजा जैन समस्त जैन समाज उपस्थित रहे।

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