अक्षय मेल समाचार
रायबरेली। विश्व बंधुत्व एवं क्षमा याचना दिवस रक्तदान शिविर के रूप में आयोजित किया गया। यह आयोजन जिला अस्पताल ब्लड बैंक रायबरेली मे संपन्न हुआ। ब्लड बैंक के यक्ष डॉक्टर श्री दीपेंद्र सिंह ने बताया की ब्लड में आरबीसी की आयु तीन माह होती है उसके बाद आरबीसी स्वत: नष्ट हो जाती है एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में लगभग 5 से 6 लीटर रक्त पाया जाता है रक्तदान में एक यूनिट में 350 एम एल रक्त लिया जाता है जो की शरीर कि पर्याप्त मात्रा का चार से पांच परसेंट होता है रक्त दान में दिए गए रक्त से शरीर पर कोई फर्क नहीं पड़ता है जबकि सरी में पाई जाने वाली बीमारियां नष्ट होती हैं शरीर से स्वस्थ 18 से 65 वर्ष का कोई भी व्यक्ति रक्तदान कर सकता है रक्तदान से ना होने वाली बीमारियां जैसे उच्च रक्तचाप पौली साईंमियां जैसी रक्त से होने वाली कई सारी बीमारियों से बचा जा सकता है। संस्था अध्यक्ष आशीष शुक्ला ने कहा कि मनुष्य को स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है और मनुष्य स्वस्थ तभी रह सकता है जब वह नशा से मुक्त रहेगा और नशे से मुक्त रहने वाला हर व्यक्ति रक्तदान कर सकता है रक्तदान करके किसी को जीवनदान दे सकता है जीएनएम सुश्री कंचन ने रक्त रक्तदान किया और अपने विचारों को साझा करते हुए बताया कि महिलाएं भी रक्तदान कर सकती हैं बस उन्हें डॉक्टर की सलाह से रक्तदान करना चाहिए। अधिक महिलाएं मासिक आने के कारण रक्तदान करने से घबराती है मासिक आने से महिलाओं को रक्त दान करने में किसी तरह की शारीरिक समस्या नहीं होती है। डॉ बीरबल डॉ एन के श्रीवास्तव डॉ रत्ना ने रक्त रक्तदाताओं की सराहना की। आज के इस कार्यक्रम में उपस्थित समाज सेवी रक्तदाता शास्त्री सतीश पांडेय सुश्री कंचन आशीष त्रिवेदी सचिन तिवारी जावेद गजेन्द्र कुमार भविष्य पाठक आदि उपस्थित रहे।

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