*भूमि एवं जल का संरक्षण कृषक स्वयं करें....... मुख्य विकास अधिकारी।*
अक्षय मेल समाचार।
अमेठी 26 अगस्त 2019,। जनपद में भूमि संरक्षण विभाग द्वारा संचालित पंडित दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना के अंतर्गत ग्राम सेनपुर (धौरहरा) विकासखंड संग्रामपुर में
संचालित परियोजना सेनपुर का मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों जैसे भूमि एवं जल का संरक्षण एवं संवर्धन भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को संतुलित एवं सुरक्षित रखना योजना अपरिहार्य है। यह योजना बीहड़ बंजर, भूमि सुधार के साथ-साथ भूमि एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की गई है। जिसका कुल भौतिक लक्ष्य 62 हेक्टेयर एवं लागत 14.65 लाख नियत है, परियोजना क्षेत्र में निरीक्षण के समय भूमि संरक्षण विभाग द्वारा बनाई गई संरचनाएं जैसे समतलीकरण, अवरोध बांध, कंटूर बंडिंग एवं मार्जिनल बांध आदि का कार्य कृषि विभाग द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों के खेतों में कराया जाता है। लाभार्थियों द्वारा अवगत कराया गया कि भूमि संरक्षण द्वारा कराए गए कार्यों से कृषकों को लाभ हुआ है उनकी भूमि समतल होने से भूमि कटाव से राहत मिली है। कुछ कृषकों द्वारा अवगत कराया गया कि भूमि सुधार से वे पहली बार अपने खेतों पर फसल बोयेंगे। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा योजना के प्रचार-प्रसार एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य पर जोर देते हुए कृषकों से भी विभाग द्वारा बनाई गई संरचनाओं को सुरक्षित रखने हेतु आवाहन किया गया। निरीक्षण के समय भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ हरी कृष्ण मिश्रा, प्राविधिक सहायक कुलदीप वर्मा, अरुणाचल तिवारी व अन्य लोगों के साथ ग्रामीण एवं कृषक/लाभार्थी आदि मौजूद रहे।
संचालित परियोजना सेनपुर का मुख्य विकास अधिकारी प्रभुनाथ ने निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों जैसे भूमि एवं जल का संरक्षण एवं संवर्धन भविष्य की पीढ़ियों के लिए पर्यावरण को संतुलित एवं सुरक्षित रखना योजना अपरिहार्य है। यह योजना बीहड़ बंजर, भूमि सुधार के साथ-साथ भूमि एवं जल संरक्षण के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित की गई है। जिसका कुल भौतिक लक्ष्य 62 हेक्टेयर एवं लागत 14.65 लाख नियत है, परियोजना क्षेत्र में निरीक्षण के समय भूमि संरक्षण विभाग द्वारा बनाई गई संरचनाएं जैसे समतलीकरण, अवरोध बांध, कंटूर बंडिंग एवं मार्जिनल बांध आदि का कार्य कृषि विभाग द्वारा लघु एवं सीमांत किसानों के खेतों में कराया जाता है। लाभार्थियों द्वारा अवगत कराया गया कि भूमि संरक्षण द्वारा कराए गए कार्यों से कृषकों को लाभ हुआ है उनकी भूमि समतल होने से भूमि कटाव से राहत मिली है। कुछ कृषकों द्वारा अवगत कराया गया कि भूमि सुधार से वे पहली बार अपने खेतों पर फसल बोयेंगे। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा योजना के प्रचार-प्रसार एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य पर जोर देते हुए कृषकों से भी विभाग द्वारा बनाई गई संरचनाओं को सुरक्षित रखने हेतु आवाहन किया गया। निरीक्षण के समय भूमि संरक्षण अधिकारी डॉ हरी कृष्ण मिश्रा, प्राविधिक सहायक कुलदीप वर्मा, अरुणाचल तिवारी व अन्य लोगों के साथ ग्रामीण एवं कृषक/लाभार्थी आदि मौजूद रहे।

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