शुकुल बाजार अमेठी अमेठी जिला के अंतर्गत लगभग हर छोटे-बड़े कस्बों में पॉलिथीन के खिलाफ अभियान चलाकर प्रतिबंधित पॉलिथीन पर रोक लगाई गई कई जगह पर तो जुर्माना भी वसूला गया लेकिन शुकुल बाजार कस्बे में ऐसा कोई अभियान नहीं चलाया गया जिससे शुकुल बाजार कस्बा के अंदर दुकानदारों द्वारा धड़ल्ले से प्रतिबंधित पॉलीथिन का इस्तेमाल किया जा रहा है यह पॉलिथीन इंसान जानवर और पर्यावरण सब के लिए काफी नुकसानदायक यानी घातक है लेकिन अधिकारियों कर्मचारियों के लापरवाही के चलते शुकुल बाजार कस्बे में धड़ल्ले से पॉलिथीन का इस्तेमाल हो रहा है हर छोटी और बड़ी दुकानों पर पॉलीथिन का इस्तेमाल सुचारू रूप से जारी है क्षेत्र के प्रबुद्ध जनों ने शुकुल बाजार कस्बे में भी पॉलिथीन पर जांच कराकर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है बताते चलें इंसान ही नहीं बेजुबान जानवरों के लिए भी अत्यंत घातक है पॉलिथीनपॉलीथिन के प्रयोग से सांस और त्वचा संबंधी रोग तेजी से बढ़ रहे हैं।
इससे लोगों मं कैंसर का भी खतरा बढ़ा रहा है। स्थिति यह है कि पॉलीथिन के उपयोग के कारण लोगों पर जीवन भर रोगों का संकट मंडराता रहता है। यही नहीं, यह गर्भस्थ शिशु के विकास को भी रोक सकती है। यही नहीं पॉलीथिन के इस्तेमाल से नपुंसकता का भी खतरा रहता है नष्ट न होने के कारण यह भूमि की उर्वरा शक्ति को खत्म कर रही है। यदि इसे दस साल तक भी जमीन में दबाए रखा जाए यह तब भी नहीं गलती है। पालीथिन देश में गिरते भूजल स्तर की एक बड़ी वजह साबित हो रही है। यदि हम पॉलीथिन को जलाते हैं तो इससे निकले वाला धुआं ओजोन परत को नुकसान पहुंचाता जो ग्लोबल वार्मिंग का बड़ा कारण है। प्लास्टिक के ज्यादा संपर्क में रहने से लोगों के खून में थेलेट्स की मात्रा बढ़ जाती है।
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