भीषण गर्मी में बिजली की आवाजाही बनी मुसीबत

दैनिक अक्षय मेल समाचार

प्रतापगढ़

भीषण गर्मी के कहर से हर आम-और -खास लोग काफी परेशान हैं। वहीं रही सही कसर बिजली विभाग ने पूरी कर दी है। क्षेत्र में बिजली के आने-जाने का कोई रोस्टर नहीं है।बिजली कब आएगी और कब जाएगी यह किसी को नहीं पता। वहीं बिजली की आवाजाही से इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी सही नहीं चल पा रहे हैं, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही किसान भी धान की नर्सरी डालने व नर्सरी की सिंचाई के लिए किराए के पानी का सहारा लेते देखे जा सकते हैं।गर्मी से निजात पाने के लिए लोग पंखे व कूलर के साथ ही एसी का भी प्रयोग करते हैं, लेकिन बिजली विभाग की उदासीनता से क्षेत्र में सारे उपकरण मानो ठप पड़े हुए हैं। बिजली की आंख मिचौली से हर कोई परेशान है। बिजली की आवाजाही से लोगों की दिन का चैन व रात की नींद गायब है। लोग गर्मी से बचाव के लिए कूलर, पंखे का सहारा न लेकर पेड़ों की छांव व हाथ पंखे का सहारा लेते देखे जा सकते हैं। वहीं सरकार का ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे बिजली देने का फरमान हवा-हवाई ही साबित हो रहा है। इसके साथ ही बिजली कटौती के चलते उद्योग धंधे भी ठप पड़े हैं। छोटे-छोटे कारखानों के साथ ही इलेक्ट्रानिक दुकानों पर मौजूदा समय में कार्य की अधिकता अधिक है, लेकिन बिजली की आवाजाही से कार्य नहीं हो पा रहे हैं। वहीं मुसीबतों से जूझते किसानों के लिए बिजली विभाग ने एक नई मुसीबत लाकर खड़ा कर दिया है। किसान धान की नर्सरी की तैयारियों में जुटा हुआ है। किसानों को नर्सरी की तैयारी करने के लिए पानी की सख्त जरूरत है, लेकिन बिजली की आवाजाही से किसानों के नलकूप ठप हैं। वह किराए के ट्यूबवेलों का सहारा लेने को मजबूर हैं।

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