सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ध्वस्त खुले शौच मुक्ति से सरकार की मंशा पर फिरा पानी अधिकारियों कर्मचारियों की उदासीनता के चलते सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गई योजना


सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ध्वस्त 

खुले शौच मुक्ति से सरकार की मंशा पर फिरा पानी 


अधिकारियों कर्मचारियों की उदासीनता के चलते सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गई योजना 

शुकुल बाजार अमेठी । सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना ध्वस्त होती नजर आ रही है सरकार करोड़ों रुपया पानी की तरह बहा रही है कि भारत शौच मुक्त हो किसी को बाहर न जाना पड़े लेकिन अधिकारीयो कर्मचारियों की उदासीनता के चलते सरकार की योजना परवान नहीं चढ़ सकी योजना सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गई अधिकारी कर्मचारी सिर्फ कागजों पर कोरम का पूरा करते नजर आ आते देखे जा रहे हैं

 इसकी बानगी विकासखंड के ग्राम सभा मां झ गांव में साफ साफ देखी जा सकती है  विकासखंड के अंतर्गत निर्मित शौचालयों में भारी भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है क्षेत्रवासी लगातार जांच की मांग कर रहे हैं लेकिन उसके बाद भी आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई  यह अधिकारियों की लापरवाही सरकार को बदनाम करने की मंशा साफ साफ जाहिर दिखाई दे रही है विकासखंड के ग्राम सभा  मांझ गांव  में बने शौचालयों में भारी भ्रष्टाचार दिखाई दे रहा है गांव वालों का कहना है इसी सत्र में बने कुछ शौचालय गिर गए कुछ शौचालयों में गड्ढा नहीं बना कुछ शौचालयों में पल्ला टूट गया कुछ शौचालयों में सीट टूट गई और कुछ शौचालय एकदम से नष्ट हो गए राकेश कुमार शर्मा पुत्र बसंत प्रसाद ने बताया हमारा शौचालय 4 महीने पहले बना था जिसमें सिर्फ एमटी बनी थी बाकी ना गड्ढा बना था ना सीट रखी गई थी और एमटी भी ढह गई ढहा हुआ अवधेश उसी जगह पर रखा हुआ है राम अभिलाख शर्मा ने बताया हमारा शौचालय अधूरा है गौरव सिंह रामसूरत राम अभिलाख जनार्दन सिंह बबलू कल्लू आदि गांव वासियों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदारी से बनवाए गए सारे शौचालय यूजलेस हैं सभी शौचालय मानक विहीन है ज्यादातर शौचालय 4 महीने के अंदर जर्जर हो गए हैं लोग इन शौचालयों का उपयोग नहीं कर सकते अब सवाल यह उठता है कि सरकार पानी की तरह पैसा बहा कर स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत शौचालयों का निर्माण करवाया था जिसे अधिकारी कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों की मिलीभगत से बली की भेंट चढ़ा दिया गया यानि सरकार के खजाने का सरकारी पैसे का जमकर दुरुपयोग ग्राम वासियों ने  एवं  प्रबुद्ध जनों ने  ग्राम सभा में बनवाई गई शौचालय उच्च अधिकारियों से जांच की मांग की तथा जिनके पास शौचालय नहीं बने शौचालय बनाने की मांग की है

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